हरितालिका तीज 2022: सुहागिनी आजु हरितालिका तीज के पूजा करीहें, ई चौठचंद्र पर्व के शुभ समय बा

संवाद

भोजपुरी तक :अटूट हनीमून के प्रतीक तीज आजु मनावल जाई. हिन्दू पंचांग के अनुसार हरतालिका तीज के व्रत भाद्रपद के शुक्ल पक्ष के तीसरा दिन होला। आज के दिन अटूट सौभाग्य के कामना खातिर सुहागिन शिव आ माता पार्वती के विधिवत पूजा करेलें। सुहागिन आजु तृतीया तिथि पर पूरा दिन तीज के पूजा करीहें. व्रत करे वाली महिला लोग माटी से बनल शिव-पार्वती के मूर्ति बना के विधिवत प्रार्थना करी। दूसर ओर सूर्योदय के बाद प्रसाद के सेवन करके बुधवार के व्रत तोड़ल जाई, पंडित राकेश झा बतवले कि तृतीया तिथि सोमवार के दुपहरिया 2.45 बजे से मंगलवार के दुपहरिया 2.40 बजे तक शुरू होखेला। उदय तिथि के मुताबिक तीज के व्रत पूरा दिन खाती होई। ओही व्रत पर ग्रह आ संक्रमण के शुभ संयोजन बनल रही. आज के दिन हस्त नक्षत्र, रवि और सिद्ध योग के शुभ संयोजन बा चार योग : सुबह 08:40 से 10:15 तक
 लाभ योग : सुबह 10:15 से 11:50 बजे तक
 अभिजीत मुहूर्त : 11:25 बजे से 12:15 बजे तक
 अमृत ​​योग : 11:50 बजे से 01:25 बजे तक
 शुभ योग : 02:59 बजे से 04:35 बजे तक
 प्रदोष काल : शाम 05:24 से शाम 06:55 तक चौठचंद्र (चुआठ चंद्र 2022) के पूजा चतुर्थी तिथि के दिन सांझ के घर-घर में होई। मानल जाता कि ए दिन चंद्रमा के पूजा कईला के बाद लोग फल लेके चंद्रमा के देख के कलंक से मुक्त हो जाला। खीर-पुरी, दही, फल, मिठाई आदि देवता के चढ़ावल जाला। ई परब मिथिलांचल में बहुत मशहूर बा। एकरा के चौरचन नाम से जानल जाला। साँझ के 6.20 बजे के बाद चंद्रमा के उदय से साँझ 7.50 बजे तक चौठचंद्र के पूजा करे के शुभ समय बा। ई एगो धार्मिक मान्यता ह कि भगवान गणेश चंद्रमा के श्राप देले रहले कि जे केहू उनुका के देख के कलंकित हो जाई। चंद्रदेव के निहोरा पर भगवान बतवले कि चौठचंद्र के दिन जे उनका के हाथ में फल लेके देखी उ बेदाग रह जाई।

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